
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के द्वारा राजा भैया के खिलाफ की गई शिकायत में राजा भैया को क्लीन चिट मिल गई है अमिताभ ठाकुर से जुड़े हुए लोगों का कहना है कि अमिताभ ठाकुर अपने घर में रखे हुए लैपटॉप से किसी के भी ऊपर 4-6 लाइन लिखकर कंप्लेंट कर देते हैं बाद में भले ही माफी मांगनी पड़ जाए उसके बाद दो-चार यूट्यूब चैनल वाले इनको अपने चैनल पेपर और पत्रिका में ईमानदारी और सत्य निष्ठा का ठेकेदार बताते हुए कार्यक्रम करते हैं।
और ब्यू बटोरते हैं आज तक कोई ऐसा मामला नहीं है जिसको अमिताभ ठाकुर ने लक्ष्य तक पहुंचाया हो सिवाय सोशल मीडिया बाजी के।
मुझे याद है आज तक अमिताभ ठाकुर ने आज के प्रयागराज और पहले के इलाहाबाद कचहरी में नबी अहमद की हत्या हो जाने के बाद दरोगा शैलेंद्र का समर्थन करने के सिवाय इन्होंने शायद ही कोई काम अपने जीवन में बढ़िया किया हो।
आज अमिताभ ठाकुर का भी नाम उन महान लोगों में शुमार हो गया जो राजा भैया का नाम लेकर मशहूर होना चाहते हैं।
अमिताभ ठाकुर के बायोडाटा में यह वाक्य अंकित हो गया कि वह रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ शिकायत कर चुके हैं।
निश्चित रूप से अमिताभ ठाकुर फूले नहीं समा रहे होंगे।
सच्चाई तो यह है कितने यूट्यूब चैनल राजा भैया और योगी आदित्यनाथ के बारे में अनर्गल खबरें चलाकर काफी लोगों का जीवन यापन कर रहे हैं।
कहानी विवादित अधिकारी रहे और चर्चित हस्ती के खिलाफ शिकायत करके बाद में माफी मांग लेने वाले अमिताभ ठाकुर की
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उत्तर प्रदेश का अरविंद केजरीवाल बनने का सपना संजोये हुए,
ब्यूरोक्रेट रहे अवनीश अवस्थी के खिलाफ शिकायत करके बाद में माफी मांग लेने वाले
अपनी विश्वसनीयता और साख पर लगातार कई बार स्वयं बट्टा लगाने वाले,
अपने लैपटॉप से किसी के भी खिलाफ सात आठ लाइन लिखकर शिकायत कर देने वाले भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120 बी यानी जालसाजी धोखाधड़ी और पद का दुरुपयोग जैसे मामलों में देवरिया जनपद में नामजद ,नौकरी करने के दौरान अपने संपत्ति का ब्योरा शासन को न देने के आरोपी
अपने कर्मों के चलते अखिलेश यादव के द्वारा बख्श दिए जाने वाले और योगी आदित्यनाथ की सरकार के द्वारा जबरिया रिटायर कर दिए जाने वाले अमिताभ ठाकुर को शायद यह नहीं पता है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शस्त्र पूजन के दौरान जो फोटो वायरल की थी उसमें सैकड़ो हथियार दिखाई दे रहे थे।
इसका मतलब यह नहीं होता कि सारे अवैध हथियार हैं लेकिन अमिताभ ठाकुर जो शिकायत करते हैं और बाद में गला फंसने पर माफी मांग लेते हैं उन्होंने पता नहीं क्या सोचकर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह के खिलाफ शस्त्र प्रदर्शन की शिकायत कर दी।
प्रतापगढ़ के एएसपी बृजनंदन राय ने शासन को भेजी गई रिपोर्ट में राजा भैया को पूरी तरह से क्लीन चिट देते हुए कहा है कि उन्होंने जो शस्त्र प्रदर्शन या पूजन किया था वह उनके दादा राय बजरंग बहादुर सिंह के समय से परंपरा के अनुसार हुआ।
भदरी राजघराने के राजा बजरंग बहादुर सिंह ने जिस परंपरा को शुरू किया था वह परंपरा उनके वारिस राजा उदय प्रताप सिंह के द्वारा पारंपरिक रूप से भदरी राजमहल के अंदर स्थित भद्रकाली मंदिर के प्रांगण में पूर्व की भांति की जाती है ।
इस तरह से अमिताभ ठाकुर के द्वारा की गई शिकायत के आधार पर किसी प्रकार की विधि विरुद्ध गतिविधि अथवा अपराधिक कृत्य का संज्ञान नहीं पाया गया ।
बृजनंदन राय ने शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि शस्त्र प्रदर्शन संबंधी आरोपों के संबंध में जब जांच की गई तो पाया गया कि आयोजन पूरी तरह से धार्मिक शस्त्र पूजन का कार्यक्रम था जिसके अनुसार शास्त्रों को केवल धार्मिक पूजा पाठ के लिए एक स्थान पर एकत्रित किया गया था और वहां पर कोई अवैध हथियार नहीं था ।
बड़ा कष्ट होता है की अमिताभ ठाकुर को हिंदुत्व एवं सनातन के परंपरा रीति नीति के बारे में कोई जानकारी नहीं है और यदि जानकारी होगी भी तो वह जानबूझकर के सारी चीजों को किनारे कर इस तरह के कृत्य किसके इशारे पर कर रहे हैं इसकी जांच होनी चाहिए।
*रिपोर्टर*
संतोष कुमार
अखंड भारत न्यूज बस्ती
